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Positive Story : नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और वाद-विवाद से दे रहे नक्सलवाद को मात, शिक्षा और स्वछता पर भी जागरूकता की अलख जगी

दंतेवाडा जिला में सेन्ट्रल रिजर्व पुलिस फ़ोर्स की 195 बटालियन ने नक्सलवाद को ख़त्म करने के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रकार के संस्कृतिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जा रहा हैं। नाटक मण्डली ने नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत एवं वाद-विवाद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके स्वास्थ्य, शिक्षा एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा हैं। सभी कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ ही स्कूली छात्र-छात्राएं भी उपस्थित हो रहे हैं।

नक्सल हिंसा से प्रभावित इन गांवां को मुख्य धारा से जोड़ने एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं विकास की गतिविधियों से जोड़ने के लिए सी.आर.पी.एफ के 195 बटालियन ने यह मुहिम चलाई है। कटेकल्याण, मेटापाल सहित कैम्प के आस पास के अन्य गांवों मे भी इस तरह के संस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा लोगों को जागरूक किया जाएगा।

अबूझमाड़ में  सी.आर.पी.एफ. ने बजाया जागरूकता का डंकाः

सी.आर.पी.एफ. 195 बटालियन की यह नाट्य मंडली जब अबूझमाड़ के मालेवाही गांव में पहुंची तो स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गई। नक्सल प्रभावित दूर-दराज के इलाकों में यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम था, जिसमें बच्चे से लेकर बूढ़े, स्त्री-पुरूष सभी शामिल हुए। ढोल, नगाड़ो एवं माईक के साथ अपनी गोंड़ी और हल्बी भाषा में गीत सुनकर खेत में धान काट रहे ग्रामीण भी स्वयं को नही रोक पाए। नाट्य मंडली ने अपने लोकगीतों के माध्यम से ग्रामीणों को गोली-बारूद से दूर रह कर शिक्षा को अपना हथियार बनाने की अपील की। साथ ही सभी बच्चों को पूरी स्कूली शिक्षा, सभी महिलाओं को प्रसव के दौरान सरकारी अस्पताल की मदद लेने एवं अपने घर और आस-पास की सफाई को बेहतर करने के लिए प्ररित किया गया।

सी.आर.पी.एफ. के इस मुहिम से सभी ग्रामीण और बच्चे बहुत खुश दिखे। सभी ने प्रण लिया कि अब वे किसी भी प्रकार से नक्सलियों के बहकावे में नहीं आएंगें। और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सभी योंजनाओं का फायदा उठायेंगें। ग्रामीणों ने माना की सी.आर.पी.एफ. का पुसपाल कैम्प लगने से इस पुरे क्षेत्र की फिजा बदल गई है। गांव के एक बुजुर्ग ने टूटी-फूटी हिंदी में भावुक होकर सी.आर.पी.एफ. का आभार जाताया एवं कहा कि बल के मार्गदर्शन में हमारे बच्चों ने भी बेहतर भविष्य के सपने देखने शुरू कर दिये है। सभी ग्रामीणों ने सी.आर.पी.एफ. की 195 वाहिनी की इस मुहिम के लिए सी.आर.पी.एफ. का दिल से धन्यवाद दिया और इस तरह के कार्यक्रम नियमित कराने का आग्रह किया।

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