रायपुर। प्रदेश में धान खरीदी और समर्थन मूल्य का मुद्दा फंसते ही जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में बीजेपी ने  नहीं शामिल होकर साफ कर दिया हैं कि इस मसले पर उनका चर्चा करने का कोई इरादा नहीं है। लिहाजा किसानों के लाभ से ज्यादा उन्हें राजनीति पसंद है।

हालांकि बैठक से दूरी रखने की वजह बीजेपी ने सूचना और निमंत्रण नहीं होना बताया है, जबकि अन्य दलों के नेता और जन प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हुए हैं। लेकिन, झूठ तो झूठ होता होता है, पकड़ा गया। सांसद रामविचार नेताम ने सूचना की जानकारी देते हुए बहार होने की स्थिति में बैठक में शामिल नहीं होने की बात कही। यही जानकारी दुर्ग सांसद विजय बघेल और राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने दी। इसके बाद सरकार ने सभी सांसदों के पत्र को सार्वजनिक कर दिया जिसमें उनके नाम का पत्र की रिसीविंग है। यानी सांसदों के निज सचिव जिन्होंने पत्र प्राप्त किया है उनके हस्ताक्षर हैं।

इसका मतलब भाजपा ने अपने सांसदों को बैठक में शामिल होने से रोका और सूचना नहीं होने की गलत जानकारी दी। मुख्यमंत्री भूपेश ने इस पर कहा है कि  बीजेपी के सांसद सूचना मिलने के बाद भी नहीं पहुंचे और सूचना नहीं मिलने की झूठी बातें कह रहे हैं।मीडिया के माध्यम से बीजेपी सांसद झूठ न फैलाएं।

क्या नहीं हुए शामिल भाजापा सांसद

भूपेश सरकार की लड़ाई केंद्र की मोदी सरकार के साथ हैं। अगर भाजपा के सांसद इस बैठक में शामिल होते तो मोदी से बगावत हो जाती। इस लिए राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ के किसानों के हित से भाजपा ने दूरी बनाये रखना ही मुनासिफ समझा।

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