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#WhatsAppSpygate : हिटलर के 45 हज़ार प्रशिक्षित जासूसों को याद कर सीएम भूपेश ने किस पर साधा निशाना

व्हाट्सएप की हैकिंग और उसकी निजता तोड़े जाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा हैं कि  हिटलर के 45 हजार प्रशिक्षित जासूस थे। रावण ने भी शार्दुल, शुक्र व शारण से जासूसी करवाई थी। महाभारत में भी प्रतिवेदक, कापटिक, कर्णेजप नाम से जासूसों को सम्बोधित किया गया है।ज़ाहिर है कि अगर जासूसी की आदत पुरानी हो तो कभी जाती नहीं है। #WhatsAppSpygate

इज़राइली कंपनी की एक सॉफ़्टवेयर की मदद से दुनिया भर के 1400 लोगों के व्हाट्सएप की हैकिंग की गई है। इसमें कई भारतियों के भी नाम है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक 14 भारतियों के नाम का ज़िक्र हैं। सभी समाज सेवा, वक़ील या फिर पत्रकारिता से जुड़े हुए लोग हैं। इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये कंपनी ये सॉफ़्टवेयर सिर्फ़ सरकारी एजेंसी को ही बेचती हैं। ऐसे में सीएम भूपेश बघेल का यह ट्वीट मोदी सरकार की ओर निशाना साधता हैं।

छत्तीसगढ़ से भी जुड़े हैं तार

व्हाट्सएप की हैकिंग मामले में छत्तीसगढ़ के तार भी जुड़े हैं। दुनिया भर के 1400 लोगों में कुछ नाम छत्तीसगढ़ ताल्लुकात रखने वालों के भी हैं।इसमें शुभ्रंशु चौधरी,पूर्व पत्रकार बीबीसी, बेला भाटिया,शालिनी गेरा, छत्तीसगढ़ में जगदलपुर लीगल एड ग्रुप से जुड़ी है, के नाम शामिल हैं।

क्या है मामला?

व्हाट्सएप कॉल की प्राइवेसी को भी इजराइल की एक कंपनी ने कांड कर दिया है। इस कंपनी ने ऐसा एक सॉफ्टवेयर बनाया है, जिसे आपके मोबाइल में एक वायरस फीड हो जाएगा। जिसके बाद आपको हैक करने वाला न सिर्फ आपके व्हाट्सएप कॉल को सुन सकेगा बल्कि उसके थ्रू आपके पासवार्ड समेत तमाम डेटा को अपने सिस्टम में सिंक कर लेगा। सिंक कर लेगा यानी सबकुछ देख लेगा।

कैसे करता है ये सॉफ्टवेयर काम

एक मिस्ड कॉल के ज़रिए स्मार्ट फोन के भीतर वायरस प्रवेश करता है और सारी जानकारी जमा करने लगता है। फोन का कैमरा ऑन हो जाता है और पता चलने लगता है कि आप कहां जा रहे हैं, किससे मिल रहे हैं और क्या बात कर रहे हैं।

इस मसले पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अपने ट्वीटर पर लिखा है- एक बेईमान भाजपा सरकार ने #WhatsAppSpygate पर प्रासंगिक सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया –


1. GOI में किसने अवैध स्पाइवेयर को खरीदा और तैनात किया?
 
2. कौन-पीएम या एनएसए-अधिकृत खरीद?
 
3. यदि फेसबुक ने मई 2019 में भारत सरकार को सूचित किया था, तो सरकार क्यों नहीं थी?
 
4. गुलाल के खिलाफ क्या कार्रवाई?
 

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