कोई परीक्षा नहीं जाती जब व्यापम सवालों के घेरे में न हो.. फिर एक मामला सामने आया है जिसमें दो परीक्षार्थी हैं, गीता रानी और गायत्री रानी। दोनों के रोल नंबर अलग अलग है।

गायत्री रानी का 16050436 है गीता रानी का 16050195 है, दोनों के रिलेटिव का नाम धुलेश्वर साहु है, दोनों का जन्म 13 अक्टूबर 1980 को दोपहर 12 बजे हुआ है।

दोनों को अंग्रेजी लेक्चरर की परीक्षा में 72.945 अंक मिले हैं।  दोनों का ओवरआल रैंक 158 और फीमेल कैटेगेरी रैंक 89 है।

ये चमत्कार व्यापमं ही कर सकता है। ​व्यापमं इससे पहले भी इस तरह के चमत्कार करता रहा है। सवाल यह कि, यह कैसा संयोग है कि, एक साथ जन्म लेने वाले, एक ही परीजन वाले एक साथ जन्म लेने वाले, एक ही दीन एक ही समय पर जन्म लेने वाले का अलग अलग रोल नंबर से एग्जाम देते हैं और उनका केवल रोलनंबर और नाम अलग होता है अंक में दशमलव के बाद वाले अंक भी एक समान होते हैं। व्यापमं में या तो बहुत बड़े पैमाने पर धांधली चल रही है या उनका कमप्यूटर आपरेशन नशे में धुत रहता है यह व्यापमं के अधिकारीयों को स्पष्ट करना चाहिए। एक होता है धांधली एक होता है डंके की चोट पर धांधली। यहां दोनों नजर हा रहा है। मगर हर बार की तरह इस बार भी न तो प्रदेश के नेता इस मामले में कुछ कहेंगे न व्यापमं के अधिकारी इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ेंगे।

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